https://baatjantaki.vishavsevak.in/wp-content/uploads/2024/01/jjujuu.gifUncategorizedVIHAR YOG MITRA MANDALक्राइमधर्मबिहारराज्यलोकल न्यूज़

बिहार में बेटियों की चीख… और जनता के सवाल

क्या बिहार में बेटियों की सुरक्षा को लेकर सरकार और समाज अपनी जिम्मेदारी निभा पा रहे हैं?

यह सवाल सिर्फ सरकार से नहीं, बल्कि पूरे समाज से पूछा जाना चाहिए। उपलब्ध सरकारी व्यवस्था बताती है कि बिहार में महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा के लिए तंत्र मौजूद है—जैसे 24×7 181 महिला हेल्पलाइन, पुलिस का 112 आपातकालीन नंबर, वन-स्टॉप सेंटर और महिला आयोग।
WCDC Bihar +2
लेकिन व्यवस्था का होना और उसका प्रभावी ढंग से काम करना अलग बातें हैं। बिहार की सरकारी हेल्पलाइन रिपोर्ट में 69,101 मामले दर्ज और 58,596 मामलों के निस्तारण का आंकड़ा दिया गया है; यह भी बताता है कि बड़ी संख्या में महिलाएँ सहायता तंत्र तक पहुँच रही हैं।
WCDC Bihar
इसलिए  सवाल ये हैं: कि
क्या शिकायत के बाद तुरंत पुलिस कार्रवाई होती है?
क्या पीड़िता को थाने से लेकर अदालत तक सम्मान और सुरक्षा मिलती है?
क्या अपराध रोकने के लिए पुलिस की जवाबदेही तय होती है?
क्या परिवार और समाज पीड़िता को दोष देने के बजाय उसका साथ देते हैं?
क्या स्कूल, पंचायत और स्थानीय प्रशासन लड़कियों की सुरक्षा को केवल योजना नहीं, बल्कि दैनिक जिम्मेदारी मानते हैं?
इसी आधार पर आपके ‘बात जनता की’ के लिए एक मजबूत सवाल पुछती है:
“बिहार में बेटियों की सुरक्षा सिर्फ हेल्पलाइन और योजनाओं से सुनिश्चित होगी, या सरकार और समाज दोनों को अपनी जिम्मेदारी जमीन पर निभानी होगी?”
और सबसे महत्वपूर्ण बात—बलात्कार या यौन हिंसा के लिए पीड़िता नहीं, अपराधी जिम्मेदार है। सुरक्षा का मतलब बेटियों की स्वतंत्रता सीमित करना नहीं, बल्कि ऐसा समाज और व्यवस्था बनाना है जहाँ अपराधी को कानून का डर और पीड़िता को न्याय का भरोसा हो।

बात जनता की

Ravish Kumar S/O-Sri Suresh Chandra Yadav AT-PURANIGANJ Near Sandalpur phari ward no 37 Munger Bihar 811201

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Click to listen highlighted text!
error: Content is protected !!